Bhagirath Srivas
Carbon Copy contributor.
चंबल के बीहड़ों पर खेती: किसानों की मजबूरी, पर्यावरण की तबाही
Bhagirath Srivas| 23 जन॰. 2026
चंबल नदी के किनारे फैले बीहड़ों को बड़े पैमाने पर समतल कर खेती की जा रही है। किसान इसे आजीविका की मजबूरी बताते हैं, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह प्रक्रिया मृदा अपरदन को तेज कर रही है, बाढ़ का खतरा बढ़ा रही है और चंबल के नाजुक इकोसिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है।