चंबल के बीहड़ों पर खेती: किसानों की मजबूरी, पर्यावरण की तबाही
चंबल नदी के किनारे फैले बीहड़ों को बड़े पैमाने पर समतल कर खेती की जा रही है। किसान इसे आजीविका की मजबूरी बताते हैं, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह प्रक्रिया मृदा अपरदन को तेज कर रही है, बाढ़ का खतरा बढ़ा रही है और चंबल के नाजुक इकोसिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है।
