हिमाचल में नदी प्रदूषण मामले में एनजीटी ने केंद्र की पुनर्विचार याचिका खारिज की

Editorial Team2 जून. 2022
एनजीटी ने कहा था कि उद्योगों द्वारा डिस्चार्ज नदी में गिराते वक्त पर्यावरण मंत्रालय के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में दिये मानकों का पालन किया जाये | Photo: Pixabay

एनजीटी ने कहा था कि उद्योगों द्वारा डिस्चार्ज नदी में गिराते वक्त पर्यावरण मंत्रालय के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में दिये मानकों का पालन किया जाये | Photo: Pixabay


हिमाचल के बद्दी औद्योगिक क्षेत्र (ज़िला सोलन) में उद्योगों द्वारा तीन नदियों – बलाद, सिरसा और सतलुज – में किये जा रहे प्रदूषण के मामले में एनजीटी ने फैसला दिया था। अब 6 अप्रैल के इस फैसले के खिलाफ केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका को एनजीटी ने खारिज कर दिया है। अपने फैसले में एनजीटी ने कहा था कि उद्योगों द्वारा डिस्चार्ज नदी में गिराते वक्त पर्यावरण मंत्रालय के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में दिये मानकों का पालन किया जाये। 

पर्यावरण मंत्रालय ने अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा था कि ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के मानक अंतिम नोटिफिकेशन में शामिल नहीं किये हैं इसलिये अदालत का फैसला सही नहीं है लेकिन ट्रिब्यूनल ने याचिका को खारिज कर दिया और एनजीटी कानून के सेक्शन -20 का हवाला देते हुये कहा कि समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिये  अदालत पर्यावरण मंत्रालय के आदेशों से आगे जाकर भी फैसला सुना सकती है।  

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