भारत का सौर उत्पादन 2024 की पहली छमाही में छह वर्षों में सबसे धीमी गति से बढ़ा

Editorial Team16 जुल॰. 2024
भारत का सौर उत्पादन 2024 की पहली छमाही में छह वर्षों में सबसे धीमी गति से बढ़ा

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की ख़बर के मुताबिक, ग्रिड से मिले सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का सौर ऊर्जा उत्पादन 2024 की पहली छमाही में छह वर्षों में सबसे धीमी गति से बढ़ा, क्योंकि देश ने बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए कोयले पर निर्भरता बढ़ा दी। ग्रिड-इंडिया के दैनिक लोड डिस्पैच डेटा की समीक्षा से पता चला है कि 30 जून को समाप्त हुए छह महीनों के दौरान कोयले से उत्पादित बिजली में 10.4% की वृद्धि हुई, जो इस अवधि के दौरान 9.7% की समग्र बिजली उत्पादन वृद्धि से अधिक है।

आंकड़ों से पता चलता है कि 2024 की पहली छमाही में सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़कर 63.6 बिलियन किलोवाट-घंटे (kWh) हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14.7% और कैलेंडर वर्ष 2023 में 18.5% अधिक है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने हाल के वर्षों में बिजली की मांग में वृद्धि को पूरा करने के लिए कोयले को प्राथमिकता दी है, पिछले साल कोयले से चलने वाला बिजली उत्पादन 2015 में पेरिस समझौते के बाद पहली बार नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन से आगे निकल गया है। भारत का ईंधन उपयोग पैटर्न बड़े पैमाने पर रहा है इस क्षेत्र के रुझानों के अनुरूप, इंडोनेशिया, फिलीपींस, वियतनाम और बांग्लादेश सभी सस्ती बिजली पैदा करने के लिए कोयले का उपयोग कर रहे हैं।

न्यूजवायर की रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजली उत्पादन में जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी 2024 की पहली छमाही में बढ़कर 77.1% हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 76.6% थी। कोयले से बिजली उत्पादन का ग्राफ लगातार चौथे साल बढ़ रहा है। 

भारत में ग्रीन हाइड्रोजन के विकास के लिए विश्व बैंक ने मंजूर किया $1.5 बिलियन का लोन

विश्व बैंक ने भारत में ‘हरित हाइड्रोजन के बाजार को बढ़ावा देने, इलेक्ट्रोलाइज़र और नवीकरणीय ऊर्जा की पैठ बढ़ाने के लिए’ 1.5 अरब डॉलर के ऋण को मंजूरी दी है। यह भारत में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विश्व बैंक से मिली दूसरी क़िस्त है। जून 2023 में बैंक ने भारत में लो-कार्बन ऊर्जा के विकास में तेजी लाने के लिए 1.5 बिलियन डॉलर की मंजूरी दी थी।

विश्व बैंक ने कहा कि यह फंड बैटरी ऊर्जा भंडारण में आर्थिक सहायता प्रदान करने और भारतीय इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कोड में संशोधन करके नवीकरणीय ऊर्जा के इंटीग्रेशन को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इस लोन के परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 2025-26 से हर साल कम से कम 450,000 मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन और 1,500 मेगावाट इलेक्ट्रोलाइज़र्स का उत्पादन होने की उम्मीद है।

‘सौर अतिक्षमता’: चीन ने सौर पीवी विनिर्माण के लिए सख्त मसौदा निवेश नियम जारी किए

सौर क्षेत्र में अत्यधिक क्षमता (ओवरकैपेसिटी) के मुद्दे से निपटने के लिए, चीन ने सौर विनिर्माण परियोजनाओं में निवेश नियमों को कड़ा करने के लिए मसौदा नियम (ड्राफ्ट रुल्स) जारी किए। समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक यदि ये नियम कानून बनते हैं तो, नए मानदंड ऐसी परियोजनाओं का न्यूनतम पूंजी अनुपात यानी कैपिटल रेश्यो 20% से बढ़ाकर 30% कर देंगे, क्योंकि चीन इस क्षेत्र में अतिरिक्त क्षमता को कम करना चाहता है। 

समाचार पोर्टल बीजेएक्स न्यूज (कार्बन ब्रीफ द्वारा अनुवाद और रिपोर्ट) के अनुसार नया नियम चीन में सौर निर्माताओं को “उन परियोजनाओं को कम करने के लिए मार्गदर्शन करेगा जो पूरी तरह से क्षमता का विस्तार करते हैं, और इसके बजाय तकनीकी नवाचार को मजबूत करने, उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार और उत्पादन लागत कम करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे”। 

मई में चीन की सौर ऊर्जा उत्पादन की उपयोग दर 97.5% तक पहुंच गई, जबकि पवन ऊर्जा 94.8% थी। इस बीच, चीन की नेशनल एनर्जी एडमिनिस्ट्रेशन (एनईए) के तहत काम करने वाले अनुसंधान निकाय (रिसर्च बॉडी) का दावा है कि देश के सौर और पवन ऊर्जा विस्तार की मौजूदा प्रगति के हिसाब से देश “अपने 2030 के लिए तय नवीकरणीय लक्ष्यों” को  “निर्धारित समय से छह साल पहले” 2024 के अंत तक पूरा कर लेगा

नवीकरणीय ऊर्जा को तीन गुना करने का वैश्विक लक्ष्य अभी भी पहुंच से बाहर: इरेना 

नवीकरणीय ऊर्जा को उच्च गति और पैमाने पर बढ़ना चाहिए, अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (इरेना) द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, इसके स्रोतों को अभी भी इतनी रफ्तार से नहीं लगाया जा रहा है कि दुनिया 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा को तीन गुना करने के अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा कर सके। .

पिछले साल दुबई (यूएई) में हुई COP28 जलवायु शिखर सम्मेलन में, लगभग 200 देशों ने ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के प्रयास में, 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता – जिसे पवन, सौर और जल जैसे स्रोतों की अधिकतम उत्पादन क्षमता के रूप में मापा जाता है – को तीन गुना करने का प्रण लिया। क्लाइमेट होम न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि नए आंकड़ों के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा दुनिया भर में बिजली का सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्रोत है, 2023 में नई वैश्विक नवीकरणीय क्षमता 2022 से रिकॉर्ड 14% वृद्धि दिखाती है। 

लेकिन इरेना के विश्लेषण में पाया गया कि भले ही अगले सात वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा को वर्तमान दर पर तैनात किया जाता रहा, दुनिया नवीकरणीय ऊर्जा को तीन गुना बढ़ाकर 11.2 टेरावाट करने के लक्ष्य से 13.5% कम रह जाएगी। इरेना ने कहा कि 2030 के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कम से कम 16.4% की उच्च वार्षिक वृद्धि दर की आवश्यकता है।

राज्यों में नवीकरणीय ऊर्जा कनेक्टिविटी बढ़ाने पर होगा केंद्र का जोर

ऊर्जा मंत्रालय राज्यों से आगामी नवीकरणीय  परियोजनाओं को नेशनल ग्रिड की बजाय स्टेट ग्रिड से जोड़ने के लिए कह सकता है। ऐसा राज्यों में बिजली ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और सभी क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के दोहरे उद्देश्य से किया जा रहा है।

वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने संकेत दिया कि नेशनल ग्रिड से जुड़ने पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को दी जाने वाली वर्तमान इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (आईएसटीएस) छूट पर अगले वित्तीय वर्ष में “पुनर्विचार” किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चूंकि स्टेट ग्रिड से जुड़ने की लागत नेशनल ग्रिड से जुड़ने की तुलना में कम है, इसलिए यह आरई परियोजना डेवलपर्स के लिए फायदेमंद होगा। 

इससे देश में हरित ऊर्जा की लागत में भी कमी आएगी।

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