2030 तक भारत में $48.6 अरब का होगा ईवी बाजार; 13 लाख चार्जरों की जरूरत

इकोनॉमिक टाइम्स

Editorial Team17 अग॰. 2024
2030 तक भारत में $48.6 अरब का होगा ईवी बाजार; 13 लाख चार्जरों की जरूरत

में प्रकाशित एक हालिया विश्लेषण के अनुसार, 2030 तक भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का बाजार बढ़कर 48.6 बिलियन डॉलर (लगभग 3.8 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचने की उम्मीद है। विश्लेषण में कहा गया है कि तब तक देश की सड़कों पर लगभग पांच करोड़ इलेक्ट्रिक वाहन होंगे। इस मांग को पूरा करने के लिए भारत को हर साल 400,000 से अधिक चार्जर और 2030 तक 13.2 लाख चार्जर स्थापित करने की जरूरत होगी।

ईवी बाजार में इस उछाल का कारण है चार्जिंग स्टेशनों में लगभग नौ गुना वृद्धि — जिनकी संख्या फरवरी 2022 में 1,800 से  बढ़कर मार्च 2024 में 16,347 हो गई। भारी उद्योग मंत्रालय ने 16 राजमार्गों और 9 एक्सप्रेसवे पर 1,576 ईवी चार्जिंग स्टेशनों के साथ-साथ कई राज्यों में फैले 2,877 ईवी चार्जिंग स्टेशनों को भी अधिकृत किया है।

हालांकि भारत में दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की अधिकता के कारण यहां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग सबसे अलग है। इस वाहनों में आम तौर पर एसी स्लो चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग का प्रयोग होता है। जबकि चार-पहिया वाहनों और बसों को एसी और डीसी चार्जिंग के मिश्रण की आवश्यकता होती है। निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए घरेलू और कार्यस्थल चार्जिंग प्रमुख होगी, जबकि कमर्शियल वाहन सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क पर निर्भर होंगे।

कंस्ट्रक्शन इलेक्ट्रिक वाहनों पर 1 अक्टूबर से लागू होंगे कड़े सुरक्षा मानक

भारत सरकार केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन करके निर्माण उद्योग में प्रयोग होनेवाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर कड़े सुरक्षा मानक लागू करने जा रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नए नियमों का प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत 1 अक्टूबर, 2024 से डंपर और एक्सकैवेटर सहित सभी इलेक्ट्रिक कंस्ट्रक्शन वाहनों को कड़े सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा।

14 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट अधिसूचना द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में एक नया नियम जोड़ा गया है। यह नया नियम, 125-ओ, ऑटोमोटिव उद्योग मानक (एआईएस)-174 के अनुपालन को अनिवार्य करता है, जिसमें बैटरी सुरक्षा, इलेक्ट्रिक सिस्टम और समग्र वाहन निर्माण को कवर किया गया है।

इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल लॉन्च के बाद ओला के शेयरों में भारी उछाल

ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड द्वारा इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के तीन मॉडल लॉन्च करने के एक दिन बाद कंपनी के शेयर 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर अपर सर्किट लिमिट तक पहुंच गए। ओला ग्रुप इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के दो और मॉडल जल्द ही लॉन्च करेगा।

कंपनी ने 2024-25 की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान राजस्व में भी उछाल दर्ज किया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर इसका स्टॉक 19.99 प्रतिशत बढ़कर 132.76 रुपए पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर भी कंपनी के शेयर 20 प्रतिशत बढ़कर 133.08 रुपए पर पहुंच गए।

यूरोप, लैटिन अमेरिका में 100,000 इलेक्ट्रिक कारें चलाने के लिए ऊबर और बीवाईडी के बीच करार

टैक्सी सर्विस कंपनी ऊबर और चीनी वाहन निर्माता बीवाईडी ने यूरोप और लैटिन अमेरिका में ऊबर प्लेटफॉर्म पर 100,000 बीवाईडी मॉडल इलेक्ट्रिक कारें चलाने के लिए साझेदारी की है। दोनों कंपनियों ने कहा कि यह व्यवस्था ऊबर ड्राइवरों को बीवाईडी वाहनों के लिए उचित मूल्य, बीमा, वित्तपोषण और अन्य सेवाएं मुहैया कराएगी। 

बाद में इस साझेदारी का विस्तार मिडिल ईस्ट, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी करने की योजना है।

यूरोपीयन यूनियन ने जून में चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर अंतरिम शुल्क लगाया था, क्योंकि उनका आरोप था कि सरकारी सब्सिडी से चीन में वाहन निर्माताओं को अनुचित लाभ मिलता है। बीवाईडी की कारें अब अमेरिका में नहीं बेची जा रही हैं, क्योंकि चीनी वाहनों के बिक्री मूल्य पर 27.5% का टैरिफ लगाया जाता है।

लेकिन चीनी निर्माता विदेशों में उत्पादन बढ़ा रहे हैं। बीवाईडी ने थाईलैंड में एक संयंत्र खोला है और ब्राजील, हंगरी और तुर्की में कारखाने बनाने की योजना बनाई है।

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