अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के हवाले से रॉयटर्स ने ख़बर दी है कि यूरोप रिकॉर्ड मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आयात करने की तैयारी में है, जबकि वैश्विक आपूर्ति भी ऊंचे स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। यह कदम यूरोपीय संघ के उस फैसले से जुड़ा है, जिसके तहत वह रूसी ऊर्जा संसाधनों पर निर्भरता कम कर अमेरिका सहित अन्य देशों से एलएनजी आयात बढ़ा रहा है। अनुमान है कि 2026 में यूरोप 185 अरब घन मीटर एलएनजी आयात करेगा, जो 2025 के रिकॉर्ड 175 अरब घन मीटर से अधिक होगा।
तेल बिक्री को आसान बनाने के लिए अमेरिका ने वेनेजुएला पर कुछ प्रतिबंध हटाए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने वेनेजुएला के तेल उद्योग पर लगाए गए कुछ प्रतिबंध हटा दिए हैं, ताकि अमेरिकी कंपनियों के लिए तेल की खरीद-बिक्री आसान हो सके। साथ ही संकेत दिया गया है कि आने वाले समय में और प्रतिबंध भी हटाए जा सकते हैं।
इन ढीलों के तहत अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला के कच्चे तेल को खरीदने, बेचने, परिवहन करने, भंडारण और परिशोधन (रिफाइनिंग) कर सकेंगी। हालांकि, तेल उत्पादन पर लागू अमेरिकी प्रतिबंध अभी भी बरकरार रहेंगे।
क्यूबा को तेल आपूर्ति करने वाले देशों पर टैरिफ की धमकी: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को तेल आपूर्ति करने वाले किसी भी देश पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। यह कदम द्वीपीय देश क्यूबा के खिलाफ दबाव अभियान को और तेज़ करता है। यह फैसला राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा के तहत लिया गया है, हालांकि इसमें न तो टैरिफ की दरें बताई गईं और न ही किसी देश का नाम लिया गया। जवाबी कार्रवाई में क्यूबा ने भी ऐसे आदेश जारी किए हैं, जिनसे बिजली उत्पादन, कृषि गतिविधियां, जल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ने का खतरा पैदा हो सकता है।
खनन उत्पादन बढ़ाने के लिए देरी करने वाली कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर सकता है भारत
भारत सरकार खनन उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से खनन नीलामी से जुड़े नियमों को सख्त करने की योजना बना रही है। इसके तहत नीलामी में खनन ब्लॉक जीतने के बाद भी समय पर मंज़ूरी न लेने वाली कंपनियों को सूची से बाहर किया जा सकता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2015 से अब तक सरकार ने 594 खनन ब्लॉकों की नीलामी की है, लेकिन इनमें से केवल 82 ब्लॉक ही चालू हो पाए हैं।
भारत–कनाडा के बीच 10 साल का यूरेनियम आपूर्ति समझौता संभव
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान भारत और कनाडा के बीच 10 वर्षों का यूरेनियम आपूर्ति समझौता होने की संभावना है। यह समझौता उनकी यात्रा का सबसे बड़ा नतीजा हो सकता है। इस दौरे में कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी जैसी दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति के साथ-साथ महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर भी समझौते होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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