भारत में वर्ष 2025 के दौरान सौर ऊर्जा क्षेत्र में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। देश ने इस साल 36.6 गीगावॉट नई सौर क्षमता स्थापित की, जो अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक आंकड़ा है। यह आंकड़ा 2024 में जोड़ी गई 25.6 गीगावॉट क्षमता की तुलना में लगभग 43 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी मेरकॉम इंडिया की ‘क्यू4 और वार्षिक 2025 इंडिया सोलर मार्केट अपडेट’ रिपोर्ट में दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार कुल नई क्षमता में से करीब 81 प्रतिशत बड़े पैमाने की परियोजनाओं से आई, जिनमें ओपन एक्सेस (ऑफ-साइट वाणिज्यिक एवं औद्योगिक) परियोजनाएं भी शामिल हैं, जबकि रूफटॉप सोलर की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत रही। राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र बड़े सौर संयंत्रों की स्थापना में अग्रणी रहे।
भारत ने 10 महीनों में रिकॉर्ड बिजली क्षमता जोड़ी, बड़ा हिस्सा अक्षय ऊर्जा का
देश में मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी तक रिकॉर्ड 52,537 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। इसमें 39,657 मेगावाट क्षमता नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी है, जिसमें 34,955 मेगावाट सौर और 4,613 मेगावाट पवन ऊर्जा शामिल हैं। यह एक वर्ष में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार देश की कुल स्थापित क्षमता 5,20,510.95 मेगावाट हो गई है, जिसमें गैर-जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी 2,71,969.33 मेगावाट है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म क्षमता और 2070 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य की प्रतिबद्धता दोहराई।
सौर ऊर्जा बजट में 32% की भारी बढ़ोतरी: अब 30,539 करोड़ रुपए का आवंटन
केंद्र सरकार ने इस साल सौर ऊर्जा क्षेत्र के लिए बजट आवंटन में बड़ी वृद्धि की है। सौर क्षेत्र के लिए बजट पिछले वर्ष (2025) के 24,200 करोड़ रुपए (~$2.64 बिलियन) से बढ़ाकर इस वर्ष 30,539.36 करोड़ रुपए (~$3.33 बिलियन) कर दिया गया है।
बजट 2026 में सौर ऊर्जा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं के फंड में विस्तार किया गया है।
पीएम कुसुम: किसानों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले इस कार्यक्रम का परिव्यय पिछले साल के 2,600 करोड़ रुपए (~$283.57 मिलियन) से बढ़ाकर अब 5,000 करोड़ रुपए (~$545.33 मिलियन) कर दिया गया है।
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना: बजट में इस फ्लैगशिप योजना का दबदबा बरकरार है। मेरकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, इसका खर्च 20,000 करोड़ रुपए (~$2.18 बिलियन) से बढ़ाकर 22,000 करोड़ रुपए (~$2.39 बिलियन) करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया गया है। इकोनॉमिक टाइम्स (ईटी) की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 30,539.36 करोड़ रुपए के परिव्यय में से सोलर पावर ग्रिड के लिए 1,775 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। पिछले आवंटन (1,000 करोड़ रुपए) की तुलना में यह 77.5% की जबरदस्त वृद्धि को दर्शाता है, जो भविष्य में ग्रिड की मजबूती पर सरकार के फोकस को स्पष्ट करता है।
एएलएमएम सूची-II में 3 गीगावॉट सौर सेल क्षमता और जुड़ी, कुल क्षमता 26 गीगावॉट
केंद्र सरकार ने सौर सेल के लिए अनुमोदित मॉडलों और निर्माताओं की सूची (एएलएमएम) की दूसरी श्रेणी में चौथा संशोधन जारी किया है। इस संशोधन के साथ कुल सूचीबद्ध विनिर्माण क्षमता बढ़कर 26 गीगावॉट हो गई है। ताजा संशोधन में 3 गीगावॉट से अधिक नई सौर सेल निर्माण क्षमता जोड़ी गई है।
इस नीति का उद्देश्य सौर उत्पादन के सभी चरणों में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है। संशोधित सूची में प्रीमियर एनर्जीज़ और अडानी समूह जैसे घरेलू निर्माताओं को अतिरिक्त सेल मॉडलों के लिए मंजूरी मिली है। एवरवोल्ट सोलर टेक्नोलॉजी को पहली बार सूची में शामिल किया गया है। कंपनी की आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में 1,074 मेगावॉट क्षमता की इकाई है, जहां उच्च दक्षता वाले बाइफेशियल मोनोक्रिस्टलाइन पीईआरसी सेल बनाए जाते हैं।
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