इंटरनेशनल फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन (आईएफसी) ने नये नियमों की घोषणा की है। इनके तहत दुनिया भर में बैंकों को इस बात के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा कि वो अफ्रीका और एशिया के देशों में कोयले पर निवेश बन्द करें। आईएफसी का ग्लोबल बैंकिंग पॉलिसी में बड़ा प्रभाव है क्योंकि इसके बनाये नियमों को दुनिया भर के व्यवसायिक और निजी बैंक मानते हैं। माना जा रहा है कि नये नियमों का प्रभाव ज़रूर पड़ेगा और बैंक उन कोयला या पावर कंपनियों को कर्ज़ नहीं देंगे जिनकी कोयले से हटकर साफ ऊर्जा संयंत्र लगाने की योजना नहीं है।
पोलैंड में कोयला खनन बन्द होगा लेकिन 2049 से
पोलैंड उन यूरोपीय देशों में है जो बिजली के लिये कोयले पर सबसे अधिक निर्भर हैं। यहां सरकार ने माइनिंग सेक्टर के साथ डील की है कि जिसके तहत कोयला खदानें 2049 से स्थायी रूप से बन्द कर दी जायेंगी। जानकारों ने चेतावनी दी है कि कोयला खनन बन्द करने के लिये ये समय सीमा कतई कारगर नहीं होगी क्योंकि अगले 30 साल में कोयले से काफी विनाश हो जायेगा। खुद यूरोप ने 2050 तक कार्बन न्यूट्रल होने का लक्ष्य रखा है और विशेषज्ञों का कहना है कि उससे पहले कोयले का इस्तेमाल बिल्कुल खत्म करना होगा। फिर भी इस डील को पोलैंड के लिये एतिहासिक डील माना जा रहा है क्योंकि यूरोप के भीतर पोलैंड में कोयला समर्थक लॉबी सबसे मज़बूत है जो सौर और पवन ऊर्जा जैसे सस्ते विकल्पों के बावजूद इस प्रदूषण करने वाले ईंधन के पक्ष में है।
दो साल पहले, हमने अंग्रेजी में एक डिजिटल समाचार पत्र शुरू किया जो पर्यावरण से जुड़े हर पहलू पर रिपोर्ट करता है। लोगों ने हमारे काम की सराहना की और हमें प्रोत्साहित किया। इस प्रोत्साहन ने हमें एक नए समाचार पत्र को शुरू करने के लिए प्रेरित किया है जो हिंदी भाषा पर केंद्रित है। हम अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद नहीं करते हैं, हम अपनी कहानियां हिंदी में लिखते हैं।
कार्बनकॉपी हिंदी में आपका स्वागत है।
आपको यह भी पसंद आ सकता हैं
-
ईरान हमले से बढ़ा तनाव, वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहराया संकट
-
मध्य प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों पर 71,395 करोड़ रुपए का घाटा, देश में सबसे बड़ी वित्तीय बोझ बनीं
-
रूस पर निर्भरता घटाने के लिए यूरोपीय संघ एलएनजी आयात बढ़ाएगा
-
अमेरिका ने शुरू की वेनेज़ुएला के तेल की बिक्री
-
2025 में जीवाश्म ईंधन से उत्सर्जन अपने उच्चतम स्तर पर
