पर्यावरण अनुकूल बने भारत का आर्थिक विकास

पिछले पाँच महीनों में कोविड महामारी के कारण हुई जन-धन आपदा भारत के आधुनिक इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गयी।

सभी देश,कॉरपोरेशन ,कम्यूनिटीज़ आदि इस आपदा से उबरने के लिए जूझ रहे हैं।लॉकडाउन के चलते देश जन-धन,रोज़गार की क्षति और गिरते जीवन मूल्य से निपटने के लिए खरबों डालर के आर्थिक पैकेज तैयार कर रहे हैं। अर्थशास्त्रियों के अनुसार 17 अर्थव्यवस्थाओं के लगभग US $3.5 ट्रिलियन का अब तक का यह सबसे बड़ा निवेश प्रकृति पर स्थायी प्रभाव डालने वाले क्षेत्रों को गति देगा।

ये निवेश इन क्षेत्रों को मजबूती देते हुए समानांतर जलवायु और जैव विविधता संकट में उन्हें स्थिरता और लचीलापन देते हैं।पर सरकार इनका पूर्ण लाभ लेने में विफल रही है।हालाँकि भारत अभी बेहतर स्थिति में है पर सही सुझावों को न अपनाने की दशा में वह स्थायी विकास नहीं कर सकेगा।

भारत सरकार ने अर्थव्यवस्था में जान फूँकने के लिए जून 2020 में 20,000 करोड़ यानि 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर के आर्थिक प्रोत्साहन की घोषणा की।इससे छोटे और मध्यम व्यवसाय को समर्थन एवं कृषि क्षेत्र के लिए निश्चित और कोयले के लिए पर्याप्त आर्थिक समर्थन का भरोसा मिला है। अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ी करने के प्रयास में  भारत के सामने जवाबदेही अपने भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढाँचे के लचीलेपन में सुधार लाते हुए स्थिर अर्थव्यवस्था देने की है।

देश को प्रदूषण मुक्त करने की तरफ़ बढ़ते हुए भारत को उद्योगों में अपनी निर्भरता तेज़ी से जीवाश्म (फॉसिल) ईंधन की जगह रिन्यूएबिल  और स्वच्छ ऊर्जा पर बढ़ानी होगी।

5 ट्रिलियन $ की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य वाले देश के लिए स्थायी विकास को देखते हुए अपनी नीति और निवेश को सामाजिक,आर्थिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाना ही समझदारी होगी।

हम एक वेबिनार की श्रृंखला का आयोजन कर रहे हैं जिसका उद्देश्य भारत में ग्रीन इकोनॉमिक रिकवरी के लिए निवेश के उन आयामों की खोज करना है जो हर भारतीय के लिए एक लचीला,स्वच्छ नवीकरणीय ऊर्जा से भरपूर समग्र आर्थिक विकास हो।इन चर्चाओं का उद्देश्य आर्थिक सामाजिक और पर्यावरणीय क्षेत्रों में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर की बौद्धिक आवाज़ों को बल देना है।


अडानी ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में बड़े खिलाड़ी बनने की राह में हैं, लेकिन उनकी कंपनी के शेयरों में 24 जनवरी के बाद से अब तक पचास प्रतिशत से अधिक गिरावट होने से बड़ा झटका लगा है।

https://hindi.carboncopy.info/adani-green-energy-shares-down-by-50-per-cent/

चमोली आपदा को दो साल पूरे हो चुके हैं। यहां 7 फरवरी 2021 को आई बाढ़ में भारी तबाही हुई थी और 200 लोगों की मौत हो गई थी। आज चमोली के कई हिस्सों पर संकट है। जोशीमठ में हो रहा धंसाव इसी आलोक में देखा जाना चाहिये।
#PHOTOS by @hridayeshjoshi

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#बजट2023 में प्राकृतिक खेती, बायोगैस और पर्यावरण से जुड़ी कई घोषणाएं हुईं। उनमें से कुछ ऐसी योजनाओं के बारे में थीं जिनमें पिछले साल और उसके पहले के बजट भाषणों में किए गए वादे और निर्धारित लक्ष्य अभी तक पूरे नहीं हो पाए हैं। पढ़िए यह रिपोर्ट:

https://hindi.carboncopy.info/union-budget-2023-announcements-and-ground-realities/

'#अमृतकाल' के पहले बजट में विकास के लिए 7 मुख्य क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। इन सात क्षेत्रों में समावेशी विकास और ग्रीन ग्रोथ का होना पर्यावरण और क्लाइमेट चेंज के नज़रिए से महत्वपूर्ण है।

जानिए केंद्रीय #बजट2023 की 5 प्रमुख बातें।

https://hindi.carboncopy.info/environment-agriculture-rural-employment-five-highlights-of-union-budget-2023/

☀️सरकार ने #Budget2023 में साफ ऊर्जा को लेकर आज कई घोषणायें की हैं जिन पर चर्चा होगी।

लेकिन पेरिस सन्धि के तहत साफ ऊर्जा के लक्ष्य हासिल करने में सरकार कहां तक कामयाब हुई है?
समझा रहे हैं @hridayeshjoshi👇🏾

क्या यह बजट इन प्रयासों को गति देगा❓

वीडियो एडिटर @SariyaVandita

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