कोरोना लहर से प्रभावित होंगे सौर और पवन ऊर्जा के प्रोजेक्ट
कोरोना की वर्तमान लहर से लागू लॉकडाउन के कारण पूरे देश में सोलर प्रोजेक्ट को
कोरोना की वर्तमान लहर से लागू लॉकडाउन के कारण पूरे देश में सोलर प्रोजेक्ट को
कोयला खनन और बिजली उत्पादन से जुड़ी सरकारी कंपनी एनएलसी-आईएल ने साल 2020-21 में अपनी
इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी के एक अध्ययन के मुताबिक पूरी दुनिया में साल 2020 में
इस बात में तो कोई दो राय नहीं कि आने वाले वक़्त में जीवाश्म ईंधन
साफ ऊर्जा की जल्दी गिरती कीमतों के बीच डिस्कॉम (वितरण कंपनियां) पावर कंपनियों के साथ
संसदीय समिति ने “साफ ऊर्जा लक्ष्य हासिल कर पाने में लगातार असफल रहने के लिये”
ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) के प्रमुख रह चुके और दिल्ली स्थित द एनर्जी एंड
भारत ने साल 2020 में अपनी सौर और पवन ऊर्जा क्षमता में केवल 4,908 मेगावॉट
भारत और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और स्थायित्व के लिये एक
थर्मोडायनेमिक्स की पहली लॉ में बताया गया है कि ऊर्जा को न ही बनाया जा