कॉप-27: आपदाओं की मार के बीच भारतीय वार्ताकारों के सामने चुनौती
हर साल के अंत में होने वाला जलवायु परिवर्तन महासम्मेलन (कॉप-27) – जिसमें दुनिया भर
हर साल के अंत में होने वाला जलवायु परिवर्तन महासम्मेलन (कॉप-27) – जिसमें दुनिया भर
यूएनएफसीसीसी की एनडीसी सिंथेसिस रिपोर्ट कहती है कि उत्सर्जन में ज्यादातर कमी 2030-2050 के बीच
बढ़ते जलवायु संकट के बावजूद जी20 देश लगातार जीवाश्म ईंधन पर जनता का पैसा खर्च
धरती को ग्लोबल वॉर्मिंग के प्रभावों से बचाने के लिये कार्बन उत्सर्जन में भारी कटौती
अगले साल जी-20 देशों की अध्यक्षता भारत कर रहा है और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने
कार्बन उत्सर्जन के कारण हो रही ग्लोबल हीटिंग मानव उत्पादकता पर भी सीधा असर डाल
दुनिया की अधिकतर सरकारें क्लाइमेट एक्शन में फेल रही हैं और पिछले एक साल में
उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में स्थित द्रौपदी का दांडा-2 चोटी पर हुये एवलांच में कम
भारत से विलुप्त होने के करीब पिचहत्तर साल बाद चीता फिर से वापस लाया गया
पिछले पखवाड़े दक्षिण भारत में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और